दैनिक शाक्य समाचार
महेंद्र पाल
वजीरगंज/कल्लिया: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर 'स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान' के अंतर्गत ग्राम कल्लिया में एक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पीएमडब्ल्यू विमल वार्ष्णेय ने ग्रामीणों को कुष्ठ रोग के प्रति जागरूक करते हुए महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
विमल वार्ष्णेय ने बताया कि कुष्ठ रोग की पहचान करना अत्यंत सरल है। शरीर पर हल्के रंग के दाग-धब्बे होना, हाथ-पैरों में झनझनाहट महसूस होना और भौहों के बाल गिरना इसके प्रमुख लक्षण हैं। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि कुष्ठ रोग कोई छुआछूत की बीमारी नहीं है। यह केवल संक्रमित व्यक्ति के छींकने से निकलने वाली छोटी बूंदों के संपर्क में आने से फैलता है।
ग्रामीणों को राहत भरी जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग का पूर्ण उपचार संभव है और सभी सरकारी अस्पतालों में इसका इलाज पूरी तरह से निःशुल्क उपलब्ध है। समय पर पहचान और नियमित उपचार से इस बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकता है।