संतकबीरनगर में ‘मिशन शक्ति 5.0 का प्रभाव महिला सुरक्षा और जागरूकता के लिए पुलिस सड़कों से चौपाल तक सक्रिय
दैनिक शाक्य समाचार
दिव्य श्रीवास्तव
संत कबीर नगर - महिलाओं की सुरक्षा सम्मान और स्वावलंबन को लेकर संत कबीर नगर पुलिस ने एक बार फिर अपनी सक्रियता का परिचय दिया है पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में जनपद के सभी थानों द्वारा मिशन शक्ति अभियान फेज 5 0 द्वितीय चरण के अंतर्गत व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया इस अभियान की खास बात यह रही कि पुलिस ने सिर्फ औपचारिक कार्यक्रमों तक खुद को सीमित नहीं रखा बल्कि गांव गांव चौपाल लगाकर सीधे आमजन से संवाद किया ग्रामीण महिलाओं बालिकाओं और छात्राओं को न केवल उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया बल्कि आत्मरक्षा के उपाय भी विस्तार से बताए गए बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंची एंटी रोमियो टीमें जनपद के विभिन्न थानों की एंटी रोमियो टीमों ने बाजारों चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर महिलाओं और बालिकाओं को मिशन शक्ति के उद्देश्यों से अवगत कराया उन्हें महिला सुरक्षा से जुड़े कानून अधिकार और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई चौपालों में खुलकर बोली महिलाएं ग्राम चौपालों के माध्यम से महिलाओं को एक खुला मंच मिला जहां उन्होंने अपनी समस्याएं साझा कीं पुलिस अधिकारियों ने मौके पर ही समस्याओं के त्वरित और विधिसम्मत समाधान का भरोसा दिया हेल्पलाइन नंबरों की दी गई महत्वपूर्ण जानकारी कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को 1090 महिला हेल्पलाइन 112 आपातकालीन सेवा 108 चिकित्सा सहायता 1098 बाल सहायता और 1930 साइबर हेल्पलाइन जैसे महत्वपूर्ण नंबरों की जानकारी दी गई साथ ही cybercrime.gov.in पोर्टल के उपयोग के लिए भी प्रेरित किया गया इन क्षेत्रों में चला विशेष अभियान कोतवाली खलीलाबाद अंसार टोला बरदहिया बाजार मधु कुंज चौराहा महिला थाना राजकीय बालिका इंटर कॉलेज धनघटा तामा जोगीपुर गायघाट महुली ग्राम परसौना मेंहदावल बारागद्दी ब्रह्माचारी मेंहदावल तिराहा बखिरा हारापट्टी नंदौर चौराहा धर्मसिंहवा सेवाईचपार बरगदवा माफी गौरीराई महिलाओं को दिया गया स्पष्ट संदेश पुलिस टीमों ने महिलाओं से अपील की कि वे निडर होकर अपनी बात रखें और किसी भी प्रकार के अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं साथ ही यह भरोसा दिलाया गया कि पुलिस हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है संत कबीर नगर में मिशन शक्ति 5.0 का यह अभियान सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि महिला सशक्तिकरण की जमीनी पहल बनकर उभरा है जिसमें पुलिस और जनता के बीच विश्वास और संवाद को नई मजबूती मिली है