दैनिक शाक्य समाचार
रिपोर्ट: एमपी सिंह गौर
प्रयागराज/संभल।1985 में संभल के थाना असमोली क्षेत्र के गांव शकरपुर सोत में डकैती और हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए विशंभर सिंह, पूरन सिंह, नरेश व प्रेमपाल सिंह समेत अन्य को इलाहाबाद हाईकोर्ट से दोबारा जमानत मिल गई।
क्या है पूरा मामला:
सन 1985 में शकरपुर सोत में वादी प्रेमपाल के घर डकैती पड़ी थी। इसमें उनकी चाची मोमवती की हत्या हो गई थी और परिवार के अन्य सदस्य घायल हुए थे। बदमाश धन-माल लूटकर फरार हो गए थे। इस मामले में आठ लोगों के खिलाफ धारा 396, 397 IPC के तहत रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
विवेचना के बाद ट्रायल कोर्ट ने याचीगण समेत छह लोगों को दोषी मानते हुए 10 साल कठोर कारावास और 5,000 रुपये जुर्माना प्रत्येक को सुनाया था। सन 1989 में हाईकोर्ट में अपील दाखिल होने पर याचीगण को जमानत मिल गई थी।
हाईकोर्ट ने फिर जारी किया था वारंट:
9 अप्रैल 2026 को अपील की फाइनल बहस के समय याचीगण की ओर से कोई अधिवक्ता पेश नहीं हुआ। इस पर हाईकोर्ट ने 16 मार्च 2026 को गैर-जमानती वारंट जारी कर दिए। पुलिस ने याचीगण को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
दूसरी जमानत अर्जी पर मिली राहत:
इसके बाद याचीगण के पैरोकार ने अधिवक्ता एमपी सिंह गौर को नियुक्त किया। उन्होंने हाईकोर्ट में द्वितीय जमानत अर्जी दाखिल कर कानूनी और तथ्यात्मक दलीलें पेश कीं। कोर्ट ने सुनवाई के बाद जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
यह घटना 42 साल पुरानी है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया अब भी जारी है।