गुरु पूर्णिमा पर उमड़ा आस्था का महासागर:
त्रिकालदर्शी शिवपूजन बाबा के दरबार में 70–80 हजार श्रद्धालुओं ने टेका माथा
दैनिक शाक्य समाचार
प्रमोद सिन्हा
गाजीपुर। करंडा क्षेत्र के तुलसीपुर स्थित त्रिकालदर्शी शिवपूजन बाबा आश्रम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव इस वर्ष अभूतपूर्व आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास के बीच संपन्न हुआ। आश्रम परिसर में अनुमानित 70 से 80 हजार श्रद्धालुओं की ऐतिहासिक उपस्थिति ने आयोजन को पूर्वांचल के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल कर दिया। उत्तर प्रदेश, बिहार तथा आसपास के विभिन्न जनपदों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया और परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य तथा विश्व शांति की कामना की।
सुबह से ही आश्रम परिसर और उसके आसपास श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। देर रात तक श्रद्धालुओं का आगमन जारी रहा। पूरे क्षेत्र में "जय गुरुदेव" के उद्घोष, भजन-कीर्तन और वैदिक मंत्रोच्चार से आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु पूजन, हवन एवं वैदिक अनुष्ठानों के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता निभाई।
महोत्सव के दौरान विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आश्रम के स्वयंसेवकों और सेवा दल के सदस्यों ने भोजन वितरण, पेयजल, चिकित्सा सहायता, पार्किंग और श्रद्धालुओं की आवाजाही की सुव्यवस्थित व्यवस्था संभाली। आयोजन के दौरान अनुशासन और सेवा भाव की व्यापक सराहना हुई।
आश्रम के सचिव राजेश चौबे ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु केवल शिक्षा देने वाले नहीं, बल्कि मनुष्य के जीवन को अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाने वाले पथप्रदर्शक होते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति का ऐसा महापर्व है, जो गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और कृतज्ञता का संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि त्रिकालदर्शी शिवपूजन बाबा ने अपने जीवन में मानव सेवा, आध्यात्मिक जागरण, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। बाबा की शिक्षाएं आज भी लाखों लोगों के जीवन का मार्गदर्शन कर रही हैं। समाज में प्रेम, भाईचारा और नैतिक मूल्यों की स्थापना के लिए बाबा के बताए मार्ग पर चलना समय की आवश्यकता है।
राजेश चौबे ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों, प्रशासन, पुलिस तथा सेवा दल के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 70 से 80 हजार श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति बाबा के प्रति लोगों की अटूट आस्था और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से मानव सेवा, सद्भाव और आध्यात्मिक जीवन मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने गुरु वंदना कर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे आयोजन के दौरान आश्रम परिसर श्रद्धा, सेवा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई दिया। शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुआ यह गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धालुओं के लिए जीवन भर यादगार बन गया।