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संघर्ष और छात्रों की एकजुटता की जीत, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नैतिक हार का प्रमाण : सुनील राम

शनिवार, 25 जुलाई 2026, जुलाई 25, 2026 WIB Last Updated 2026-07-25T16:09:44Z
संघर्ष और छात्रों की एकजुटता की जीत, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नैतिक हार का प्रमाण : सुनील राम



दैनिक शाक्य समाचार 
प्रमोद सिन्हा 

गाजीपुर। जिला कांग्रेस कमेटी एवं शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा पिछले कई दिनों से छात्रों के हितों, शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अव्यवस्था तथा युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन के क्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किए जाने पर जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने नवीन स्टेडियम, गाजीपुर पहुंचकर छात्र-छात्राओं को मिठाई खिलाई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह केवल एक मंत्री के इस्तीफे का मामला नहीं है, बल्कि देशभर के छात्रों, युवाओं और कांग्रेस पार्टी द्वारा चलाए गए लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत है। नेताओं ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लगातार छात्रों के मुद्दों को संसद से लेकर सड़क तक मजबूती से उठाया और सरकार को जवाब देने के लिए विवश किया। कांग्रेस का मानना है कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को अंततः जनता के सामने जवाबदेह होना ही पड़ता है।
जिलाध्यक्ष सुनील राम ने कहा, "भाजपा सरकार ने वर्षों तक शिक्षा व्यवस्था को प्रयोगशाला बनाकर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया। पेपर लीक, परीक्षा में अव्यवस्था और युवाओं की बढ़ती बेरोजगारी पर सरकार मौन रही। कांग्रेस ने राहुल गांधी के नेतृत्व में लगातार छात्रों की आवाज़ बुलंद की, जिसका परिणाम है कि आज शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना पड़ा। यह सत्ता के अहंकार पर लोकतंत्र की जीत है। अब केवल इस्तीफा नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई भी होनी चाहिए।"
शहर अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा ने कहा, "देश का युवा अब झूठे प्रचार और खोखले दावों से संतुष्ट होने वाला नहीं है। भाजपा सरकार ने 'नया भारत' का सपना दिखाया, लेकिन युवाओं को पेपर लीक, बेरोजगारी और निराशा मिली। राहुल गांधी ने छात्रों के संघर्ष को अपनी आवाज़ बनाकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। यह इस्तीफा इस बात का प्रमाण है कि जनता के सवालों से कोई सरकार हमेशा बच नहीं सकती।"
एआईसीसी सदस्य रविकांत राय ने कहा, "कांग्रेस हमेशा छात्रों और युवाओं की लड़ाई लड़ती रही है। राहुल गांधी ने लगातार कहा कि देश की सबसे बड़ी पूंजी उसका युवा है और उसके भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं हो सकता। भाजपा सरकार जवाबदेही से बचने का प्रयास करती रही, लेकिन जनदबाव और छात्रों के संघर्ष के आगे उसे झुकना पड़ा। अब समय आ गया है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और जवाबदेही की कमी को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए।"
कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस नेताओं ने छात्र-छात्राओं को मिठाई खिलाकर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि कांग्रेस शिक्षा, रोजगार और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई आगे भी पूरी मजबूती से लड़ती रहेगी तथा छात्रों के हितों पर किसी भी प्रकार का आघात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जनक कुशवाहा बटुक नारायण मिश्र अजय सिंह अजय श्रीवास्तव चंद्रिका सिंह राजीव कुमार सिंह राजेश गुप्ता महबूब निशा सदानंद गुप्ता ज्ञान प्रकाश सिंह ताहिर अब्बासी कमलेश्वर प्रसाद शर्मा धर्मेंद्र कुमार राम नगीना पांडे ओम राघवेंद्र राम प्रकाश यादवअजय दुबे बृजेश कुमार प्रमिला गौतम इंद्रमल यादव राघवेंद्र चतुर्वेदी आलोक यादव इरफान खान विंध्याचल कुशवाहा रमेश चंद्र गुप्ता मोहम्मद हनीफ
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