दैनिक शाक्य समाचार
महेंद्र पाल
बिसौली/बदायूँ: राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत चलाये जा रहे 'स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान' के क्रम में आज, 3 फरवरी 2026 को ग्राम दौलतपुर गोटिया में एक विशेष कुष्ठ गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को कुष्ठ रोग के प्रति जागरूक रहने और समय पर उपचार कराने का संदेश दिया गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए पीएमडब्ल्यू नवाब मियां ने कुष्ठ रोग के लक्षणों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि त्वचा पर किसी भी प्रकार के सुन्न दाग-धब्बे होना, हल्के भूरे रंग के धब्बे दिखना, नसों में खिंचाव या दिक्कत महसूस होना और प्रभावित स्थान से बाल गिर जाना कुष्ठ रोग के प्राथमिक लक्षण हो सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि लक्षणों की पहचान होते ही तुरंत जांच करानी चाहिए ताकि दिव्यांगता से बचा जा सके।अभियान के दौरान स्वास्थ्य टीम ने गांव में मौजूद एमबी (MB) कैटेगरी के मरीज के घर जाकर उनके सभी परिजनों और पड़ोसियों का गहन कुष्ठ परीक्षण किया। संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने और बीमारी के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से सभी संपर्क में आए व्यक्तियों को 'रिफैम्पिसिन' (आर. सिन) दवा की एकल खुराक (Single Dose) खिलाई गई। इस अवसर पर स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे कुष्ठ रोगियों से भेदभाव न करें, क्योंकि यह एक सामान्य बीमारी है जो सही समय पर इलाज मिलने से पूरी तरह ठीक हो जाती है।