दैनिक शाक्य समाचार
वीर सिंह शाक्य
बिसौली (बदायूँ): स्थानीय व्यापारियों ने विद्युत विभाग से संबंधित विभिन्न समस्याओं और प्रीपेड मीटर स्थापना को लेकर उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन विद्युत वितरण खण्ड तृतीय, बिसौली के अधिशासी अभियंता को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि प्रीपेड मीटर प्रणाली लागू करने से पूर्व उपभोक्ताओं के हितों का ध्यान रखना और विभाग की पुरानी विसंगतियों को दूर करना अनिवार्य है।
सिक्योरिटी राशि की वापसी सबसे प्रमुख मांग
व्यापारियों का तर्क है कि अब तक बिजली बिलिंग की व्यवस्था 'पोस्ट-पेड' (उपयोग के बाद भुगतान) थी, जिसके लिए विभाग उपभोक्ताओं से सिक्योरिटी राशि जमा कराता था। चूंकि अब प्रीपेड मीटर के माध्यम से बिजली का अग्रिम भुगतान किया जाएगा, इसलिए विभाग के पास जमा उपभोक्ताओं की पुरानी सिक्योरिटी राशि का कोई औचित्य नहीं रह जाता। व्यापारियों ने मांग की है कि प्रीपेड मीटर लगाने से पहले उपभोक्ताओं की सिक्योरिटी राशि पूर्णतः वापस की जाए।फिक्स चार्ज और मिनिमम चार्ज समाप्त करने पर जोर ज्ञापन में व्यापारियों ने अन्य महत्वपूर्ण बिंदु उठाते हुए कहा कि प्रीपेड व्यवस्था लागू होने के बाद 'फिक्स चार्ज', 'मिनिमम चार्ज' और 'इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी' जैसी मदें पूरी तरह समाप्त होनी चाहिए। बिल की गणना केवल वास्तव में उपभोग की गई यूनिट के आधार पर ही की जानी चाहिए।बंद मकानों पर न लगे अतिरिक्त शुल्क व्यापारियों ने मुख्यमंत्री का ध्यान इस ओर भी आकृष्ट कराया कि यदि कोई मकान या प्रतिष्ठान बंद रहता है और बिजली का उपयोग शून्य है, तो ऐसी स्थिति में उपभोक्ता पर किसी भी प्रकार का मिनिमम चार्ज या फिक्स चार्ज नहीं लादा जाना चाहिए। व्यापारियों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जब बिजली का उपभोग ही नहीं हो रहा, तो प्रीपेड सिस्टम में अतिरिक्त शुल्क वसूलना न्यायसंगत नहीं है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान क्षेत्र के प्रमुख व्यापारी और विद्युत उपभोक्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने विभाग से इन सुधारों को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने का आग्रह किया है।इस अवसर पर नगर प्रांतीय सदस्य सुमित गोयल एडवोकेट. अध्यक्ष कृष्णअवतार शर्मा के साथ संगठन के पदाधिकारी धर्मेंद्र वार्ष्णेय, नरेंद्र दिवाकर, सुमित गोयल, बॉबी गुप्ता, केपी मौर्य, गोपाल वार्ष्णेय आदि मौजूद रहे।