दैनिक शाक्य समाचार
अभयराज सिंह
बदायूं - जनपद बदायूं में गन्ना किसानों के हित में विगत वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार मार्च 2012 से मार्च 2017 की अवधि की तुलना में अप्रैल 2017 से दिसंबर 2025 तक गन्ना मूल्य भुगतान में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुदृढ़ता आई है।
वर्ष 2012 से 2017 के मध्य जहां कुल 84,509 गन्ना किसानों को लगभग 673.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था, वहीं वर्ष 2017 से दिसंबर 2025 तक यह संख्या बढ़कर 1,32,450 किसानों तक पहुंच गई है। इस अवधि में कुल गन्ना मूल्य भुगतान बढ़कर लगभग 1173.34 करोड़ रुपये हो गया है। यह वृद्धि न केवल भुगतान की मात्रा में बल्कि लाभार्थी किसानों की संख्या में भी स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है।
गन्ना मूल्य भुगतान की यह प्रगति सरकार की किसान हितैषी नीतियों, पारदर्शी व्यवस्था एवं समयबद्ध भुगतान प्रणाली का परिणाम है। पहले जहां किसानों को अपने भुगतान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब डिजिटल एवं प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से भुगतान प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया गया है।
इस दौरान गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए गए हैं। आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रचार-प्रसार, उन्नत बीजों की उपलब्धता, सिंचाई सुविधाओं में सुधार तथा किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण प्रदान करने से उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है। इसके परिणामस्वरूप गन्ना किसानों की आय में भी वृद्धि देखने को मिली है।
इसके अतिरिक्त, किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन द्वारा निरंतर संवाद स्थापित किया गया है। मिलों के साथ समन्वय बनाकर भुगतान में देरी को न्यूनतम करने का प्रयास किया गया है। साथ ही, गन्ना सर्वेक्षण एवं पर्ची वितरण प्रणाली को भी अधिक पारदर्शी बनाया गया है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
गन्ना मूल्य भुगतान में यह वृद्धि न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुई है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। किसानों के पास बढ़ी हुई क्रय शक्ति से स्थानीय बाजारों में भी सकारात्मक प्रभाव देखा जा रहा है।
प्रशासन का उद्देश्य किसानों को समय पर उनका पूरा भुगतान सुनिश्चित करना है। इसके लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। भविष्य में भी गन्ना किसानों के हितों की रक्षा एवं उनकी आय में निरंतर वृद्धि के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।