अशोक को मिला, 43 साल बाद न्याय,
दैनिक शाक्य समाचार
एमपी सिंह गौर,
प्रयागराज, जिला बरेली के ग्राम राय पूर निवासी अशोक पाल व दो अन्य प्रेम पाल और गजेंद्र के खिलाफ थाना रायपुरा में क्षत्रपाल सिंह ने आरोप लगाते हुए रपट लिखाई कि जब बह अपनी पत्नी के साथ ससुराल सिकन्दरा बाद जिला बुलन्द शहर जा रहा था तो ग्राम सिसोना के बेले के पास नाले से तीन बदमाश हथियारों से लैस, निकल कर आए, और उसकी पत्नी शांति को घायल कर के जेवरात लूट लिए, शोर मचाने पर खेतों में काम कर रहे काफी लोग आ गए और दो बदमाशों को मौका पर ही पकड लिया, अशोक पाल से चाकू, प्रेम पाल से तमन्ना बरामद हुआ, गजेंद्र लूटे हुए जेवरात लेकर भाग गया, गाँव बालों की मदद से अशोक पाल मय चाकू, प्रेम पाल मय तमन्ना पुलिस के सुपुर्द कर दिए, पुलिस ने दोनों को धारा 394 आईपीसी व धारा 25 आयुध अधिनियम में चालान करके जेल भेज दिया, और विवेचना करके अशोक pal व प्रेम पाल के खिलाफ आरोप पत्र धारा 394 आईपीसी व 25 आयुध अधिनियम में दाखिल किया, अशोक पाल ज़मानत पर छूट गया, बदायूं न्यायालय ने दोनों को दो साल कठोर कारावास व एक एक हजार रुपये के जुर्माने से दण्डित किया.
अशोक पाल ने सन 1987 में उच्च न्यायालय इलाहाबाद में अपील दाखिल की.
दोरान अपील अशोक पाल को जमानत मिल गयी, अपील की फाइनल सुनवाई मे, याची अशोक पाल की ओर से अधिवक्ता एमपी सिंह गौर व जूनियर आर यू रिकी रेणू ने बहस की, और कानूनी दलील व नजीर पेश की, अपील आंशिक रूप से स्वीकार हुई, अशोक पाल की सजा माफ़ कर दी गई और जुर्माना की धनराशि एक हजार से बड़ा कर बीस हजार कर दी गई है और 3 जुलाई 2026 तक जमा करने समय दिया गया है, जुर्माना की धन राशि पीड़ित को या उसके बारिस को दी जाएगी, यदि याची जुर्माना की धन राशि जमा नहीं करता है तो 6 माह को जेल जाना पड़ेगा. याची की ओर से अधिवक्ता एमपी सिंह गौर व जूनियर आर यू रिकी रेणू ने पैरवी की.