दैनिक शाक्य समाचार
वीरसिंह शाक्य
बदायूं, 02 मई: जनपद में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना' (PMMVY) गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के लिए वरदान साबित हो रही है। योजना के माध्यम से महिलाओं को न केवल पोषण के प्रति जागरूक किया जा रहा है, बल्कि उन्हें सीधे आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है।
372.16 लाख रुपये का हुआ डीबीटी
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2017 से दिसंबर 2025 तक जनपद बदायूं में कुल 13,799 लाभार्थियों को इस योजना का लाभ दिया गया है। इन महिलाओं के बैंक खातों में अब तक कुल 372.16 लाख रुपये की धनराशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जा चुकी है।
तीन चरणों में मिलती है मदद
योजना का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना है। इसके तहत आर्थिक सहायता तीन किस्तों में दी जाती है:
पहली किस्त: गर्भावस्था के प्रारंभिक चरण में पंजीकरण के समय।
दूसरी किस्त: प्रसव पूर्व जांच (ANC) और आवश्यक टीकाकरण के बाद।
तीसरी किस्त: बच्चे के जन्म के बाद उसका नियमित टीकाकरण चक्र पूर्ण होने पर।
स्वास्थ्य और सशक्तिकरण पर जोर
जिला प्रशासन द्वारा शहरी और ग्रामीण इलाकों में विशेष शिविर लगाकर पात्र महिलाओं को योजना से जोड़ा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह योजना महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ी है। इससे गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार लेने में मदद मिल रही है, जिससे स्वस्थ शिशुओं के जन्म को बढ़ावा मिल रहा है।
यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि उन्हें सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं और नियमित जांच के प्रति भी जागरूक कर रही है।