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पत्रकारिता की गरिमा बचाने का संकल्प, समाज विरोधी प्रवृत्तियों पर अंकुश की उठी मांग

शनिवार, 30 मई 2026, मई 30, 2026 WIB Last Updated 2026-05-30T12:54:41Z
पत्रकारिता की गरिमा बचाने का संकल्प, समाज विरोधी प्रवृत्तियों पर अंकुश की उठी मांग


हिंदी पत्रकारिता दिवस पर श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की विचार गोष्ठी में पत्रकारों ने किया आत्ममंथन


दैनिक शाक्य समाचार 
प्रमोद सिन्हा 

गाजीपुर। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर श्रमजीवी पत्रकार यूनियन उत्तर प्रदेश की स्थानीय शाखा द्वारा शहर के ऐतिहासिक पुस्तकालय एवं वाचनालय मिश्रबाजार में विचार गोष्ठी एवं चिंतन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, सांध्यकालीन अखबारों, राष्ट्रीय न्यूज चैनलों, मान्यता प्राप्त मीडिया संस्थानों तथा सोशल मीडिया से जुड़े चार दर्जन से अधिक पत्रकारों एवं कैमरामैनों ने सहभागिता कर पत्रकारिता के वर्तमान स्वरूप और उसकी चुनौतियों पर गंभीर चर्चा की।
गोष्ठी में वक्ताओं ने पत्रकारिता के नाम पर हो रही उन गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की, जो समाज और मीडिया जगत की प्रतिष्ठा को प्रभावित कर रही हैं। उपस्थित पत्रकारों ने कहा कि पत्रकारिता जनहित और सत्य के प्रति समर्पित एक सामाजिक दायित्व है, इसे केवल व्यवसाय का माध्यम बना देना पत्रकारिता की मूल भावना के विपरीत है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यूनियन के राष्ट्रीय पार्षद एवं जिलाध्यक्ष पदमाकर पाण्डेय ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता के प्रथम समाचार पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ के प्रकाशन के साथ पंडित जुगलकिशोर शुक्ल ने पत्रकारिता को समाज के सम्मान और जागरूकता का माध्यम बनाया था। उन्होंने कहा कि एक समय पत्रकार समाज का सजग प्रहरी माना जाता था, लेकिन वर्तमान समय में कुछ लोग पत्रकारिता की आड़ लेकर ऐसे कृत्यों में लिप्त हैं, जिससे पूरे मीडिया जगत की छवि धूमिल हो रही है।
संगठन के पदाधिकारी विजयशंकर तिवारी और रामचन्द्र सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि पत्रकारों को अपना सम्मान और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए कार्य में पारदर्शिता तथा निष्पक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। समाज का विश्वास ही पत्रकार की सबसे बड़ी पूंजी है।
यूनियन के सदस्य विवेकानन्द राय ने कहा कि पत्रकारिता के नाम पर लोगों को भ्रमित करने तथा विभिन्न संगठनों की आड़ में समाज विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने वालों को अपनी हरकतों से बाज आना चाहिए। उन्होंने कहा कि वास्तविक श्रमजीवी पत्रकार धन की नहीं बल्कि अपनी खबरों के माध्यम से समाज को सच का आईना दिखाने का कार्य करता है।
गोष्ठी में संजय चौबे, भुवन जायसवाल, रामप्रवेश राय, विनोद कुमार लाल, गौरीशंकर पाण्डेय, दिनेश चन्द्र शर्मा, रंगनाथ दूबे, वरिष्ठ पत्रकार अरुण तिवारी, खड़ानन्द दूबे, सतीश पाण्डेय, कमलाकर पाण्डेय, दीपक श्रीवास्तव सहित अनेक पत्रकारों ने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने हिंदी पत्रकारिता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए पत्रकारों से निष्पक्ष, निर्भीक और जनसरोकारों से जुड़ी पत्रकारिता को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष पदमाकर पाण्डेय ने की, जबकि संचालन दिनेश चन्द्र शर्मा ने कि
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