दैनिक शाक्य समाचार
शैलेश श्रीवास्तव
बस्ती - कृषि विज्ञान केंद्र बस्ती द्वारा दिनांक 20-21 जनवरी 2026 को प्राकृतिक खेती में कीट एवं रोग प्रबंधन विषय पर दो दिवसीय सेवारत कर्मचारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया कार्यक्रम का उद्देश्य प्राकृतिक खेती पद्धतियों के अंतर्गत कीट एवं रोगों के प्रभावी पर्यावरण अनुकूल एवं लागत-कम प्रबंधन की जानकारी प्रदान करना था प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. एस. के. तोमर ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती में जैविक उपायों देशी संसाधनों तथा समन्वित प्रबंधन तकनीकों को अपनाकर फसल सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने रासायनिक कीटनाशकों के विवेकपूर्ण उपयोग पर बल दिया साथ ही उन्होंने आच्छादन एवं जैविक खरपतवारनाशी के प्रकार एवं लाभ पर प्रकाश डाला प्रशिक्षण के कोर्स कोआर्डिनेटर फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. प्रेम शंकर ने प्राकृतिक खेती में कीट एवं रोगों की पहचान निगरानी एवं जैविक नियंत्रण विधियों पर विस्तार से जानकारी दी। इसी क्रम में केंद्र के कृषि वानिकी वैज्ञानिक डॉ. पी. के. मिश्रा ने कृषि वानिकी आधारित प्रणालियों में फसल सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया। डॉ. वी. बी. सिंह वैज्ञानिक आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन ने रोग-प्रतिरोधी किस्मों की भूमिका पर प्रकाश डाला। आर. वी. सिंह वैज्ञानिक कृषि विस्तार ने तकनीक प्रसार एवं किसानों तक जानकारी पहुँचाने की रणनीतियों पर व्याख्यान दिया। डॉ. अंजलि वर्मा वैज्ञानिक गृह विज्ञान ने प्राकृतिक खेती के माध्यम से सुरक्षित भोजन पोषण एवं पारिवारिक स्वास्थ्य पर अपने विचार प्रस्तुत किए। वहीं हरिओम मिश्रा वैज्ञानिक शस्य विज्ञान ने प्राकृतिक खेती में समन्वित फसल प्रबंधन पर उपयोगी जानकारी दी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि विभाग के भूमि संरक्षण से अवर अभियंता अनिल कुमार पटेल तकनीकी सहायक बी टी एम एवं ए टी एम इंडो इजरायल प्रभारी विवेक वर्मा पादप रोग विशेषज्ञ शोभित कुमार दीक्षित कट विशेषज्ञ रजनीश सिंह उद्यान विशेषज्ञ धीरेंद्र प्रताप सिंह आदि ने सहभागिता की। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्राप्त ज्ञान को क्षेत्र में लागू करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम का समापन संवाद एवं अनुभव साझा सत्र के साथ हुआ जिसमें प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान किया गया।