दैनिक शाक्य समाचार
महेंद्र पाल
वजीरगंज (बदायूं): राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वजीरगंज के तत्वावधान में ग्राम पुसगंवा में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर 'स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान' का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोजित विशेष गोष्ठी में ग्राम प्रधान रमेश चौधरी और स्वास्थ्य विभाग के विमल वार्ष्णेय (PMW) ने ग्रामीणों को जागरूक किया।
शपथ लेकर जताया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान ग्राम प्रधान रमेश चौधरी ने समस्त ग्रामवासियों को कुष्ठ रोग मुक्त गांव बनाने की शपथ दिलाई। उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा, "हमें अपने गांव को कुष्ठ रोग से उसी तरह मुक्त करना होगा जैसे हमने एकजुट होकर चेचक और पोलियो जैसी बीमारियों को जड़ से खत्म किया है।" उन्होंने ग्राम सभा की बैठक में उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए ग्रामीणों का आभार भी व्यक्त किया।
भेदभाव मिटाने पर जोर
स्वास्थ्य विभाग की ओर से विमल वार्ष्णेय ने एमडीटी (MDT) दवा के महत्व पर जोर देते हुए नारा दिया— "एमडीटी खाओ, कुष्ठ मिटाओ"। उन्होंने कहा कि भारत से कुष्ठ रोग को समाप्त करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज से भेदभाव समाप्त कर कुष्ठ रोगियों के लिए गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित करना है।
कैसे पहचानें कुष्ठ रोग?
गोष्ठी में कुष्ठ रोग के लक्षणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई:
त्वचा पर हल्के तांबे के रंग के चकत्ते दिखना।
प्रभावित हिस्से (तैलीय त्वचा) में सुन्नपन होना।
भौंहों के बाल झड़ना।
रोग बढ़ने पर नाक का बैठ जाना आदि।
इस मौके पर ग्राम प्रधान रमेश चौधरी, पीएमडब्ल्यू विमल वार्ष्णेय समेत समस्त ग्रामवासी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।