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कुष्ठ रोग छुआछूत की बीमारी नहीं, समय पर पहचान और इलाज है जरूरी: विमल वार्ष्णेय

सोमवार, 2 फ़रवरी 2026, फ़रवरी 02, 2026 WIB Last Updated 2026-02-02T15:41:57Z
दैनिक शाक्य समाचार 
महेंद्र पाल
वजीरगंज (बदायूं): राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर कस्बा वजीरगंज स्थित आर.वी. इंटर कॉलेज में 'स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान' का आयोजन किया गया। इस दौरान एक विशेष गोष्ठी आयोजित कर बच्चों को कुष्ठ रोग के प्रति जागरूक किया गया और भारत को कुष्ठ मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए पी.एम.डब्ल्यू. विमल वार्ष्णेय ने कहा कि कुष्ठ रोग कोई छुआछूत की बीमारी नहीं है, बल्कि यह एक सामान्य बीमारी है जिसका पूर्ण उपचार संभव है। उन्होंने छात्रों को रोग के लक्षणों की जानकारी देते हुए बताया कि शरीर के किसी हिस्से या हाथ-पैर में सुन्नपन होना, शरीर पर पड़ने वाले धब्बों में खुजली या जलन न होना और चलते-चलते पैरों से जूते-चप्पल का अचानक निकल जाना इसके मुख्य लक्षण हैं। यदि समय रहते इनकी पहचान कर ली जाए, तो मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है।
विमल वार्ष्णेय ने आह्वान किया कि हमें कुष्ठ रोगियों से भेदभाव करने के बजाय उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए "कुष्ठ के विरुद्ध आखिरी युद्ध" में अपनी भागीदारी निभानी होगी।
इस अवसर पर कॉलेज के मैनेजिंग डायरेक्टर कुलदीप शर्मा, पी.एम.डब्ल्यू. विमल वार्ष्णेय समेत स्वास्थ्य केंद्र का समस्त स्टाफ और कॉलेज के शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद रहे।
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