मनोरमा को मिली हाई कोर्ट से राहत
दैनिक शाक्य समाचार
एम पी सिंह गौर
प्रयागराज, प्रयागराज निवासी मनोरमा की शादी कानपुर के शैलेन्द्र कुमार के साथ हुई थी, शादी के कुछ साल बाद दोनों में बिगाड़ खाता हो गया, मनोरमा ने घरेलू हिंसा का केस प्रयागराज न्यायालय में सन 2012 में दाखिल किया जिसमें अंतरिम भरण पोषण के लिए 2 हजार मनोरमा के लिए और 5 सौ रुपये नाबालिग बेटे को मासिक, शैलेन्द्र को अदा करने का आदेश दिया गया, लेकिन शैलेन्द्र कुमार धन राशि अदा नहीं की जो अब तक की 4 लाख 75 हजार बनती है, रिकवररी के लिए भी केस दाखिल किया लेकिन बकाया धन राशि अदा नहीं की, तो मनोरमा हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की, जिसमें आदेश हुआ कि अंतरिम भरण पोषण की धन राशि शैलेन्द्र कुमार के वेतन से काट कर सीधे मनोरमा के बैंक खाते में अदा की जाएगी, जिस पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जवाब में लिखा है कि समस्त बक़ाया धन राशि 12 किस्तों 12 महीने में शैलेन्द्र कुमार के वेतन से काट कर मनोरमा के बैंक खाते में भेज देंगे, शैलेन्द्र kumar प्राथमिक विद्यालय में हेड मास्टर है, याची मनोरमा की ओर से याचिका अधिवक्ता एम् पी सिंह गौर व आर यू रिकी रेणु ने दाखिल की और बहस आर यू रिकी रेणु ने की l