संघर्षों को हराकर ऋषिपाल बने भारतीय सेना के जवान, गांव में खुशी की लहर
दैनिक शाक्य समाचार
रत्नेश कुमार
बदायूं के तहसील सहसवान क्षेत्र के ब्लॉक दहगवां स्थित गांव सोनबुढीं निवासी ऋषिपाल का चयन भारतीय सेना में होने पर गांव में खुशी की लहर है।ऋषिपाल ने बताया कि उन्होंने यह मुकाम काफी संघर्ष और मेहनत के बाद हासिल किया है। उन्होंने कहा कि कई लोग उन्हें ताने देते थे कि “तुमसे कुछ नहीं होगा”, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।ऋषिपाल ने भावुक होते हुए बताया कि पिता इंदल सिंह के गुजर जाने के बाद वह अंदर से पूरी तरह टूट चुके थे, लेकिन मां नन्ही देवी के हौसले और अपने जुनून के दम पर उन्होंने खुद को संभाला और लगातार मेहनत जारी रखी।आज उनकी सफलता से परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि ऋषिपाल ने संघर्ष और मेहनत से यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो हर मुश्किल को पार किया जा सकता है।ऋषिपाल ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां, गुरुजनों और लगातार की गई मेहनत को दिया।