दैनिक शाक्य समाचार
यशवीर सिंह
बदायूँ (30 अप्रैल 2026): उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा संचालित "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान के तहत बदायूँ पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण और पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते, माननीय न्यायालय (स्पेशल पॉक्सो कोर्ट) ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी एक बाल अपचारी को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 40,000 रुपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।
क्या था मामला?
यह मामला थाना कादरचौक पर साल 2018 में पंजीकृत किया गया था (मु0अ0सं0 15/2018), जिसमें आरोपी पर धारा 376 भादवि और 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। मामले की विवेचना उप निरीक्षक योगेन्द्र सिंह द्वारा पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया था।
प्रभावी पैरवी से मिली सफलता
इस मामले को "ऑपरेशन कन्विक्शन" के तहत चिन्हित कर समयबद्ध निगरानी की गई। बदायूँ पुलिस की मॉनीटरिंग सेल, पैरोकार हेड कांस्टेबल सुमित कुमार और कांस्टेबल सतेन्द्र ने अभियोजन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर न्यायालय में सशक्त पैरवी की। लोक अभियोजक श्री अमौल जौहरी के नेतृत्व में चली इस विधिक प्रक्रिया के परिणामस्वरूप आज अदालत ने अपना फैसला सुनाया।
न्यायालय का निर्णय
माननीय न्यायालय ने बाल अपचारी को दोषी करार देते हुए निम्नलिखित सजा सुनाई:
10 वर्ष का कठोर कारावास।
40,000 रुपये का अर्थदण्ड। (अर्थदण्ड न भरने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा)।
अपराधी द्वारा पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि को मुख्य सजा में समायोजित किया जाएगा।
पुलिस टीम और अभियोजन पक्ष के इस सराहनीय कार्य की उच्चाधिकारियों द्वारा प्रशंसा की गई है, जो महिला और बाल अपराधों के विरुद्ध प्रदेश सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को दर्शाता है।